Hindustan -Front Page-18 Oct-उधर, नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा का कहना है कि अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो स्कूलों की मनमानी रुकेगी। जरूरतमंद छात्रों को कायदे से शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सीटें मिलेंगी। बता दें कि पिछले साल दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी दाखिले की गाइडलाइंस बनाने का अधिकार निजी स्कूलों को दिया था। सरकार का कोई दखल नहीं था।शिक्षा निदेशालय को केवल ईडब्ल्यूएस दाखिला प्रक्रिया में निगरानी करने का अधिकार है। फिलहाल इसके तहत हर साल जिला स्तर पर शिक्षा निदेशालय के कार्यालयों और उसकी वेबसाइट पर फॉर्म उपलब्ध कराए जाते हैं।